सिवल प्रक्रिया संहिता
civil procedure code
सिवल प्रक्रिया संहिता (CPC) 1908 में लागू की गई थी। इस सेक्शन में विभिन्न परिभाषाओं का उल्लेख किया गया है। इसमें अन्य महत्वपूर्ण धाराओं का सारांश होगा।सिवल प्रक्रिया संहिता (CPC) - विषय सूची
आज हम (cpc) सिवल प्रक्रिया संहिता के बारे मे जनेगे ये कब बना था और इस के बना ने मे क्या purpose था | 1908 मे (civil procedure code ) को लाया गया था |जो सिर्फ जमीन ज़्यादाद के मामलों के ही वाद विवाद को ही सुने गा | जिस मे यही कारण था |इस कानून को लाने का चलिए जानते है की section 1 क्या कहता है |
SECTION 1-- SHORT TITLE COMMENCMENT. इसका नाम (civil procedure code ) सिवल प्रक्रिया संहिता 1908 कहा जाए गा
(2) कहता है की ये कानून( 1 junuary 1909) से force मे लाया गया था
(3) जब ये कानून बना था तब ये जम्मू और कश्मीर मे लागू नहीं था लेकिन (2019)के ragistration act के बाद से यह जम्मू और कश्मीर मे भी लागू हो गया
(4) आदिवासी छेत्र मे यह लागू नहीं है और नहीं नागालैंड मे ये बो छेत्र है जो( 21 january 1972) से पहले असम के आदिवशी छेत्र मे लगते थे । जो संबिधान के 20 of sixth scedule मे include थे |
(1) Code includes rules,
(2) Decree , डिक्री एक अधिकारीत फेसला है जो अदालत द्वारा दिया जाता है ,यह फेसला उन मामलों मे दिया जाता है जहा दो या दो से अधिक पक्षों के बीच विवाद होता है जेसे |
(a) जमीन ज़्यादाद
(b) तलाक़
(c) अनुबन्ध
Preliminaryअगर अदालत किसी मामले मे आगे और कार्यवही करना चाहती है तो इसे (प्रारंभिक डिक्री)कहते है
Final decree अगर अदालत का फेसल मामले को पूरी तरह खतम कर देता है तो इसे (अंतिम डिक्री)कहते है
Exampale - अगर कोई आदमी किसी संपत्ति के अधिकार के लिए अदालत मे जाता है और अदालत उस के हक मे फेसला कर देती है तो यह फेसला डिक्री कहलाएगा अगर अदालत किसी याचिका को खारिज कर देती है तो ये फेसला भी डिक्री के अंतर्गत आएगा |
(3)decree holder जब लोई व्यक्ति अपने किसी अधिकार के लिए अदालत मे जाता है |और अदालत उस के पक्ष मे फेसला सुनती है तो वह डिक्री होल्डर बन जाता है अगर डिक्री का पालन नहीं किया जाता तो वह व्यक्ति अदालत मे आवेदन कर सकता है की डिक्री के अधिकारों को लागू किया जाए |
(4) District वह अदालते जो एक जिला सीमा के अंतर्गत कार्ये करती है जो छेत्र उस अदालत के सीमा के अंदर आते है |
(5) Foreign Court . वह court जो भारत से बाहर के होते है उन्हे foreign court कहा जाता है |
(6) Foreign judgment वह judgment जो foreign court द्वारा दी जाती है |
(7) Government Pleader. ये वह सरकारी अधिवक्ता होते है जो सरकार की तरफ से अदालत मे तर्क प्रस्तुत करते है ये सरकारी विभागों संस्थाओ और सरकारी कर्मचारिओ की और से होते है |
(a) High Court अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के मामलों में, कोलकाता उच्च न्यायालय न्यायिक अधिकारिता रखता है। इसका मतलब है कि इस क्षेत्र के न्यायिक मामले इस उच्च न्यायालय में सुने जाते हैं |Share in a corporation" का मतलब है कि इसमें stock, debenture stock, debentures, या bonds शामिल हैं।
Share | कंपनी में मालिकाना हक का एक हिस्सा |
Stock | किसी कंपनी के सभी शेयरों का समग्र रूप जो सामान्यतः व्यापारिक गतिविधियों में भागीदारी का प्रतिनिधित्व करता है| |
debenture Stock | एक प्रकार का ऋण जो कंपनी द्वारा जारी किया जाता है जिसमें निवेशक को निश्चित ब्याज मिलता है| |
debentures | ये भी ऋण उपकरण होते हैं जो कंपनी द्वारा जारी किए जाते हैं और सामान्यत एक निश्चित समय पर वापस किए जाते हैं| |
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